
इस्लामाबाद. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बुधवार को एक आत्मघाती बम धमाके में तालिबान सरकार में शरणार्थी मामलों के मंत्री और दो अन्य की मौत हो गई. गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट मंत्रालय के अंदर हुआ और शरणार्थी मामलों के मंत्री खलील हक्कानी की मौत हो गई. अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत करने के लिए अधिकृत नहीं होने की वजह से कोई अन्य जानकारी नहीं दी.
खलील हक्कानी तालिबान सरकार में कार्यवाहक गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी के करीबी रिश्तेदार थे. सिराजुद्दीन तालिबान के भीतर एक शक्तिशाली नेटवर्क का नेतृत्व करते हैं. खलील हक्कानी ऐेसे शीर्ष पदाधिकारी रहे जिनकी अफगानिस्तान की सत्ता पर तीन साल पहले तालिबान द्वारा कब्जा किए जाने के बाद हुए बम धमाकों में मौत हुई है. धमाके की तत्काल किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है.
पिछले साल मार्च में अफगानिस्तान के बल्ख प्रांत की राजधानी मजार-ए-शरीफ में हुए एक बम धमाके में तालिबान द्वारा नियुक्त प्रांतीय गवर्नर दाउद मुजमल और दो अन्य की मौत हो गई थी. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार ने हक्कानी की हत्या की निंदा की है. उन्होंने कहा कि वह विस्तृत जानकारी के लिए काबुल के संपर्क में हैं. इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े गुटों को सत्तारूढ. तालिबान का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी माना जाता है और इन समूहों ने पहले भी अफगानिस्तान में हमले किए हैं.
