भारतीय सेना को अपनी तरह का पहला लॉजिस्टिक ड्रोन सौंपा गया

नयी दिल्ली. ड्रोन बनाने वाली एक नामचीन कंपनी ने बुधवार को भारतीय सेना को “अपनी तरह का पहला” लॉजिस्टिक्स ड्रोन सौंपने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य चुनौतीपूर्ण इलाकों में सेना की क्षमताओं को बढ.ाना है. ‘सबल 20 लॉजिस्टिक्स ड्रोन’ का निर्माण एंड्योरएयर सिस्टम्स ने किया है.

कंपनी ने “भारतीय सेना को अपनी तरह के अनूठे सबल 20 लॉजिस्टिक्स ड्रोन की सफल आपूर्ति” की घोषणा करते हुए कहा कि यह चुनौतीपूर्ण इलाकों में काम कर रहे रक्षा बलों की ‘लॉजिस्टिक’ क्षमताओं को बढ.ाने की दिशा में ह्लमहत्वपूर्ण उपलब्धिह्व है. कंपनी ने बयान जारी कर यह जानकारी दी.

बयान में कहा गया है कि विमानन प्रौद्योगिकी कंपनी की स्थापना 2018 में आईआईटी-कानपुर में की गई थी, जिसका उद्देश्य ऐसी विश्व स्तरीय ड्रोन तकनीक प्रदान करना है जो रक्षा और असैन्य दोनों अनुप्रयोगों के लिए सबसे उपयुक्त हो. बयान के अनुसार, ह्लसबल 20 वैरिएबल पिच तकनीक पर आधारित एक इले्ट्रिरक ड्रोन है, जिसे विशेष रूप से रसद पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है. यह 20 किलोग्राम तक की सामग्री ले जाने में सक्षम है.ह्व

आत्मनिर्भरता, स्वदेशी रक्षा क्षमताएं स्थायी शांति की नींव : सीडीएस जनरल चौहान

प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत के प्रगति और समृद्धि के पथ पर आगे बढ.ने के साथ ही उसके लिए आत्मनिर्भरता और स्वदेशी रक्षा क्षमताएं स्थायी शांति की नींव हैं. उन्होंने कहा, ”आज भारत वैश्विक आशावाद के केंद्र में है. हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं.” जनरल चौहान ने कहा, ”जब हम प्रगति और समृद्धि के पथ पर आगे बढ. रहे हैं, हमारा मानना ??है कि आत्मनिर्भरता और स्वदेशी रक्षा क्षमताएं स्थायी शांति की नींव हैं.” वह ‘सेंटर फॉर ज्वाइंट वारफेयर स्टडीज’ और ‘इंडियन मिलिटरी रिव्यू’ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा, ”भारत के सुरक्षा परिदृश्य के लिए एक मजबूत और आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की आवश्यकता है.” जनरल चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि सभी हितधारकों को जोड़ने वाला एक सामान्य सूत्र ”राष्ट्रीय हित” है.

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