
सिंगापुर. भारतीय चैलेंजर डी गुकेश और गत चैंपियन चीन के डिंग लिरेन के बीच विश्व शतरंज चैंपियनशिप की नौवीं बाजी भी बृहस्पतिवार को यहां ड्रॉ रही जिससे यह मुकाबला बराबरी पर बना हुआ है. यह लगातार छठी बाजी और मुकाबले की कुल सातवीं बाजी है जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने अंक बांटे.
इस ड्रॉ के बाद दोनों खिलाड़ियों के समान 4.5 अंक हो गए हैं जो चैंपियनशिप जीतने के लिए जरूरी 7.5 अंक से तीन अंक कम हैं.
दोनों खिलाड़ियों ने 54 चाल के बाद बाजी को ड्रॉ कराने पर सहमति जताई. शुक्रवार को आराम का दिन है जिसके बाद दोनों खिलाड़ी शनिवार को फिर मुकाबला शुरू करेंगे.
इस 25 लाख डॉलर इनामी चैंपियनशिप में अब सिर्फ पांच क्लासिकल बाजियां बची हैं और अगर 14 दौर के बाद भी स्कोर बराबर रहता है तो विजेता का निर्धारण करने के लिए ‘फास्टर टाइम कंट्रोल’ के तहत बाजियां होंगी. चीन के 32 वर्षीय लिरेन ने शुरुआती बाजी जीती थी जबकि 18 वर्षीय गुकेश तीसरी बाजी में विजयी रहे थे. दूसरी, चौथी, पांचवीं, छठी, सातवीं और आठवीं बाजी भी ड्रॉ रही थी.
‘कैटेलन ओपनिंग’ के साथ शुरुआत करना कई दशकों से शीर्ष स्तर की बाजियों का हिस्सा रहा है और गुकेश ने इस बार सफेद मोहरों से खेलते हुए लिरेन की तैयारी को परखने के लिए इसे चुना. चीन के खिलाड़ी ने फिर से शुरुआत में ही लंबा समय लिया. दोनों खिलाड़ियों के बीच मोहरों का पहला आदान-प्रदान 14वें ‘टर्न’ पर हुआ जिसमें गुकेश ने पहले समय-नियंत्रण में अपने आवंटित दो घंटों में से केवल 15 मिनट जबकि लिरेन ने 50 मिनट से अधिक का उपयोग किया.
गुकेश बेहतर स्थिति में दिख रहे थे लेकिन लिरेन ने इसके बाद अपनी चालों से उन्हें हैरान किया. ऐसा लग रहा था कि हाथ से काफी कुछ नहीं निकला है लेकिन जब गुकेश के पास 30 मिनट से कम समय था तो चीनी के खिलाड़ी ने कई सही चालें चलीं जिससे मुकाबला बराबरी का हो गया. गुकेश ने अपनी 23वीं चाल तक अपना पूरा अतिरिक्त समय इस्तेमाल कर लिया और वह लिरेन से कुछ मिनट पीछे हो गए. दोनों खिलाड़ियों ने इसके बाद अपने दो प्यादे गंवाए.
अपनी 24वीं चाल चलने के बाद गुकेश को अपनी स्कोर शीट पर नजर गड़ाए देखा गया जो इस बात का स्पष्ट संकेत था कि वह ड्रॉ के लिए सहमत हो जाएंगे. गुकेश ने जल्द ही रानियों और फिर एक जोड़ी हाथी (रूक) का आदान-प्रदान किया जिससे स्थिति फिर बराबरी पर आ गई. लिरेन को जीत की उम्मीद नजर आ रही थी लेकिन अंतत: 54 चाल के बाद वह भी ड्रॉ पर सहमत हो गए. बाकी बची पांच बाजियों में लिरेन को तीन बार सफेद मोहरों से खेलने का मौका मिलेगा.
