इस्लामाबाद. पाकिस्तान ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों द्वारा रविवार को प्रस्तावित विरोध मार्च के मद्देनजर संघीय राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की है. प्रमुख सड़कों को सील कर दिया गया है और कुछ इलाकों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं.
खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने जनता से ”गुलामी की बेड़ियां तोड़ने” के लिए मार्च में शामिल होने का आ”ान किया है. खान की पत्नी बुशरा बीबी और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर के नेतृत्व में एक काफिला पेशावर से इस्लामाबाद के लिए रवाना हुआ है. समाचार चैनल जियो न्यूज के मुताबिक, बुशरा बीबी पेशावर से शुरू हुए काफिले का हिस्सा थीं, लेकिन खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे. इससे पहले कहा गया था कि बुशरा बीबी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगी.
खैबर पख्तूनख्वा सरकार के प्रवक्ता मुहम्मद अली सैफ ने कहा कि बाधाओं को हटाने के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शनिवार रात पुलिस ने अवरोधक हटाने वाली मशीनरी पर गोलियां चलाईं और उसे आग लगाने की कोशिश की, लेकिन पीटीआई समर्थकों ने आगजनी की कोशिश को नाकाम कर दिया. सैफ ने कहा कि सरकार के पास उनकी मांगों को पूरा करने के लिए अब भी समय है. उन्होंने चेतावनी दी कि यहां बांग्लादेश जैसी स्थिति हो सकती है, जहां अगस्त में छात्रों के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के कारण लंबे समय से प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना की सरकार गिर गई थी.
खान की पार्टी ने विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए विभिन्न शहरों से इस्लामाबाद के लिए रवाना हो रहे विभिन्न समूहों की तस्वीरें और वीडियो साझा किए. संघीय राजधानी में पुलिस किसी को भी शहर में आने से रोकने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. रावलपिंडी के फैजाबाद क्षेत्र से करीब 16 प्रदर्शनकारियों को तब गिरफ्तार किया गया, जब वे इस्लामाबाद में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे.
इंटरनेट पर निगरानी करने वाले नेटब्लॉक्स ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा कि पाकिस्तान में व्हाट्सऐप को प्रतिबंधित कर दिया गया है.
नेटब्लॉक्स ने कहा, ”लाइव मेट्रिक्स से पता चलता है कि पाकिस्तान में व्हाट्सऐप को प्रतिबंधित कर दिया गया है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अधिकारी पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पीटीआई के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा कड़ी कर रहे हैं.” संघीय सरकार ने विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें भारी सुरक्षा बलों की तैनाती, प्रमुख सड़कों को सील करना और राजधानी के चारों ओर अवरोधक लगाना शामिल है.
आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि अदालती आदेश के अनुसार, इस्लामाबाद में किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन या धरने की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने के किसी भी प्रयास के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी. खान ने एक बयान में जनता से विरोध प्रदर्शन के लिए एकजुट होने का आग्रह किया तथा इसे स्वतंत्रता और न्याय के लिए एक आंदोलन बताया. जियो न्यूज की खबर के मुताबिक, खान की पार्टी के नेताओं ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री आवास पर रविवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें प्रदर्शन करने के लिए रणनीति को अंतिम रूप दिया गया.
विरोध प्रदर्शन को स्थगित करने के सरकार के आ”ान को नजरअंदाज करते हुए खान की पार्टी ने इस्लामाबाद तक अपने नियोजित मार्च के साथ आगे बढ.ने की घोषणा की. यह घोषणा ऐसे समय की गई है, जब बेलारूस का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल आया हुआ है. हालांकि, अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान संभावित खतरे की चेतावनी जारी की थी.
खान की पार्टी ने अपनी तीन मांगों को लेकर इस्लामाबाद तक मार्च करने की पिछले सप्ताह घोषणा की थी. पार्टी जेल में बंद खान और अन्य नेताओं को रिहा करने, आठ फरवरी के चुनावों में पार्टी की जीत को मान्यता देने के अलावा 26वें संविधान संशोधन को निरस्त करने की मांग कर रही है. छब्बीसवें संविधान संशोधन ने शीर्ष न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया को बदल दिया था.
इसके मद्देनजर प्रशासन ने श्रीनगर राजमार्ग, जीटी रोड और एक्सप्रेसवे सहित पूरे शहर में मार्गों पर कंटेनर रख दिए हैं, जिससे डी-चौक, इस्लामाबाद हवाई अड्डे और न्यू मर्गल्ला रोड पर ए-11 प्वाइंट क्षेत्रों में आसानी से नहीं पहुंचा जा सकता है. डी चौक के नजदीक ही राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कार्यालय, संसद और उच्चतम न्यायालय की इमारत है. इस्लामाबाद में निगरानी करने के लिए पुलिस और ‘फ्रंटियर कांस्टेबुलरी’ (एफसी) के साथ-साथ रेंजर्स को भी तैनात किया गया है. संघीय सरकार ने कहा कि किसी को भी न्यायिक आदेशों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
पाकिस्तान से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार, पाकिस्तान रेलवे ने खान की पार्टी के प्रदर्शन के मद्देनजर लाहौर, रावलपिंडी और पेशावर के बीच सभी ट्रेन सेवाओं को निलंबित कर दिया है. इसके अलावा 24 नवंबर, रविवार के लिए सभी 25 ट्रेन की बुकिंग भी रद्द कर दी है. रेलवे ने कहा कि यात्रियों को उनकी टिकट का पैसा तुरंत वापस कर दिया जाएगा. इस्लामाबाद और रावलपिंडी में मेट्रो बस सेवाओं सहित सार्वजनिक परिवहन रोक दिया गया है, तथा दोनों शहरों को जोड़ने वाले फैजाबाद के सभी बस र्टिमनलों पर अवरोधक लगा दिये गए हैं.
इस्लामाबाद में 18 नवंबर से धारा 144 लागू है, जिसके तहत लोग एकत्र नहीं हो सकते. दूसरी ओर, पंजाब सरकार ने भी 23 नवंबर से 25 नवंबर तक पूरे प्रांत में धारा 144 लगा दी है, जिसके तहत विरोध प्रदर्शन, जनसभाएं, रैलियां और धरने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
इसके अलावा एहतियातन इस्लामाबाद, खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं आंशिक रूप से निलंबित कर दी गई हैं. इमरान खान (72) को 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिये सत्ता से अपदस्थ कर दिया गया था और उसके बाद उनके खिलाफ दर्जनों मामले दर्ज किये गए थे. वह पिछले साल से रावलपिंडी की अडियाला जेल में हैं. उनकी पार्टी के अनुसार, खान 200 से अधिक मुकदमों का सामना कर रहे हैं; उनमें से कुछ में उन्हें जमानत मिल गई है, कुछ अन्य में दोषी ठहराया गया है, और कुछ और के लिए सुनवाई चल रही है.
