अयोध्या: राम मंदिर के ध्वज पर कोविदारा वृक्ष क्‍यों बना है, जानिए इसका इतिहास?

अयोध्‍या: अयोध्‍या में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्‍वजा फहरा दी। इस तरह भव्‍य राम मंदिर के निर्माण की पूर्णता की औपचारिक घोषणा हो गई। इस धर्म ध्‍वजा की सबसे बड़ी विशेषता इस पर बने प्रतीक हैं। ये हैं कोविदार वृक्ष और सूर्य। सूर्य भगवान राम के सूर्य वंश का चिन्‍ह है। वहीं कोविदार वृक्ष को अयोध्‍या की प्राचीन पहचान और पवित्रता से जोड़कर देखा जाता है।

कोविदार वृक्ष के बारे में कहा जाता है कि यह मंदार और पारिजात के संकरण से बना वृक्ष है। इसे ऋषि कश्‍यप ने बनाया था। अगर इसके गुणों को देखा जाए तो यह आयुर्वेद में उपयोगी माना जाता है। कहा जाता है कि इसके फूल, पत्तियां और छाल कई रोगों में औषधि के रूप में प्रयुक्त होती हैं। यह भी माना जाता है कि यह वृक्ष देवताओं का प्रिय है और इसके आसपास सकारात्मक शक्ति बनी रहती है।

वहीं दूसरी तरफ यह त्रेतायुग में अयोध्या का राजचिन्ह था। यह राम राज्‍य की राजसत्ता, शौर्य और धर्म का प्रतीक माना जाता था। त्रेता के बाद अब कलियुग में फिर से अयोध्‍या में राम मंदिर के मुख्‍य शिखर पर कोविदार वृक्ष राम राज्‍य के संकल्‍पों की याद दिलाता रहेगा।

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