
चेन्नई. विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ सोमवार को यहां प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया “नागरिकता छीनने की साजिश” है. वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन के नेतृत्व में वीसीके ने दलितों और अल्पसंख्यकों को मताधिकार से वंचित करने के कथित प्रयास के लिए निर्वाचन आयोग और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार की निंदा की.
इस अवसर पर थिरुमावलवन ने चुनावी राज्य तमिलनाडु में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लागू करने में की गई जल्दबाजी पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि यह “दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक मतदाताओं को निशाना बनाने एवं उन्हें मताधिकार से वंचित करने के लिए भाजपा द्वारा पूर्व नियोजित कदम” है.
