लाल किला विस्फोट: फरीदाबाद में आरोपियों से जुड़ी लाल कार जब्त

चंडीग­ढ़/नयी दिल्ली. दिल्ली के लालकिला विस्फोट मामले से जुड़ी एक संदिग्ध लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट कार का पता लगा लिया गया है और इसे फरीदाबाद जिले के खंदावली में जब्त कर लिया गया है. यह जानकारी पुलिस ने दी. फरीदाबाद पुलिस के एक प्रवक्ता से जब पूछा गया कि क्या इकोस्पोर्ट कार का पता लगा लिया गया है, तो उन्होंने फोन पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा, ”हां, यह (कार) खंदावली गांव में मिली है.” इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट कार का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी के सभी थानों, चौकियों और सीमा चौकियों पर अलर्ट जारी कर दिया था.

यह अलर्ट तब जारी किया गया जब जांच में इस बात का पता चला कि विस्फोट में प्रयुक्त हुंदै आई20 से जुड़े अन्य संदिग्धों के पास एक अन्य लाल रंग की कार भी है. वाहन का पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस की कम से कम पांच टीम तैनात की गई थीं, जबकि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस को भी कड़ी सतर्कता बरतने और तलाशी में सहायता करने के लिए सतर्क किया गया था.

सूत्रों ने बताया कि लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार डॉ. उमर उन नबी के नाम पर पंजीकृत है, जो विस्फोट से पहले कथित तौर पर हुंदै आई20 चला रहा था. कार का पंजीकरण विवरण सभी सीमावर्ती इकाइयों को भेज दिया गया था और तलाशी तेज करने के लिए यह जानकारी उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस के साथ भी साझा की गई थी. संदेह है कि उमर ने इस वाहन का इस्तेमाल टोही गतिविधियों के लिए किया था. इस बीच, फरीदाबाद पुलिस का तलाशी अभियान बुधवार को भी जारी रहा.

पुलिस ने बताया कि एसीपी क्राइम वरुण दहिया के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने अल-फलाह विश्वविद्यालय और हाल ही में उजागर हुए ‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए प्रमुख संदिग्धों में से एक डॉ. मुजम्मिल गनई के विश्वविद्यालय परिसर स्थित आवास का दौरा किया.

अधिकारियों ने बताया कि डॉ. गनई के मोबाइल फोन से प्राप्त डंप डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि उसने इस वर्ष जनवरी में लालकिला क्षेत्र की कई बार टोह ली थी. पुलिस ने कहा कि संदेह है कि टोह लेने का काम गणतंत्र दिवस पर ऐतिहासिक स्मारक को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा था, लेकिन उस समय क्षेत्र में गहन गश्त के कारण यह नाकाम हो गया.

इस संबंध में एक वरिष्ठ जांच अधिकारी ने बताया कि टीम ने धौज गांव में गनई के मकान मालिक से भी पूछताछ की. दिल्ली से केंद्रीय जांच दल भी विश्वविद्यालय पहुंचे और कई डॉक्टरों और छात्रों से एक घंटे तक पूछताछ की गई. सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में हुए कार बम विस्फोट की जांच में जुटी जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम भी धौज स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय पहुंची. फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, ”हमारा तलाशी अभियान जारी है और टीम इलाके के आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही हैं. सभी पुलिस टीम अलर्ट पर हैं.”

लाल किला विस्फोट : हुंदै कार की बिक्री में मदद करने वाला फरीदाबाद का कार विक्रेता हिरासत में

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने लाल किला के नजदीक 10 नवंबर को हुए विस्फोट के में मामले में फरीदाबाद के एक कार विक्रेता को हिरासत में लिया है. पुलिस ने इसी के साथ दिल्ली तथा आसपास के राज्यों के सभी पुराने कार विक्रेताओं से हाल में हुई वाहनों की बिक्री का विवरण सत्यापित करने और साझा करने का निर्देश दिया है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, फरीदाबाद के सेक्टर 37 स्थित रॉयल कार प्लाजा के मालिक अमित को फरीदाबाद पुलिस की सहायता से सोमवार देर रात हिरासत में लिया गया. उन्होंने कथित तौर पर हुंदै आई20 की बिक्री में मदद की थी, जिसका इस्तेमाल सोमवार को लाल किले के पास हुए शक्तिशाली विस्फोट में किया गया था. इस विस्फोट में 12 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए थे.

एक सूत्र ने बताया, ”अमित से पूछताछ की जा रही है. जांच दल हुंदै आई20 के स्वामित्व की पूरी कड़ी की जानकारी जुटा रहा है और यह पता कर रहा है कि यह संदिग्ध के हाथों में कैसे पहुंची. हम यह पता लगा रहे हैं कि गाड़ी उसके शोरूम में कौन लाया और किसके जरिए डॉ. उमर नबी उसके संपर्क में आया.” दिल्ली पुलिस का विशेष प्रकोष्ठ कार की बिक्री में शामिल संभावित बिचौलियों की पहचान करने के लिए डीलरशिप के रिकॉर्ड, लेनदेन विवरण और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रहा है.

ऐसा माना जा रहा है कि हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ. उमर नबी लाल किले के निकट हुए विस्फोट के समय उक्त वाहन चला रहा था. विस्फोट के बाद, दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास पुरानी कार बेचने वालों द्वारा बेचे गए वाहनों का सत्यापन अभियान शुरू किया.

लालकिला विस्फोट: लाल कार से जुड़े न्यू सीलमपुर पते पर पहुंची पुलिस, जालसाजी के पहलू की जांच

दिल्ली पुलिस उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू सीलमपुर स्थित उस पते पर पहुंची जिसके बारे में उसे पता चला कि लालकिला विस्फोट मामले से संदिग्ध तौर पर जुड़ी एक लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट कार उस स्थान पर पंजीकृत है. यह जानकारी बुधवार को एक अधिकारी ने दी.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जब रिकॉर्ड से पता चला कि कार डॉ. उमर उन नबी के नाम पर पंजीकृत है, तो टीम वाहन के स्वामित्व के सत्यापन के लिए तुरंत मौके पर पहुंची. सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ताओं को संदेह है कि हो सकता है कि कार खरीदने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया हो.

पुलिस सूत्र ने कहा, ”कार के पंजीकरण पत्रों में उल्लेखित पते के आधार पर पुलिस न्यू सीलमपुर पहुंची, जहां उसने निवासियों से पूछताछ की और दस्तावेजों का सत्यापन किया.” दौरे के दौरान, उसी पते पर मदरसा चलाने वाले इमाम मोहम्मद तसव्वुर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि उन्होंने क्षेत्र में कभी कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं देखी.

तसव्वुर ने कहा, ”पुलिस जांच के लिए मेरा फोन अपने साथ ले गई. हम अपना पूरा सहयोग दे रहे हैं. पुलिस को मामले की जांच करनी चाहिए और घटना के पीछे जो लोग हैं उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए.” उसी पते के पास रहने वाले एक अन्य निवासी दिलशाद सैफी ने इस घटना को बेहद परेशान करने वाला बताया. सैफी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”यह बहुत दर्दनाक है. ऐसी घटनाएं कभी नहीं होनी चाहिए. जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.”

इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने लाल रंग की उस फोर्ड इकोस्पोर्ट कार का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी के सभी थानों, चौकियों और सीमावर्ती नाकों को अलर्ट कर दिया था, जिसके लाल किला विस्फोट से पहले आरोपी द्वारा टोह लेने के लिए इस्तेमाल किए जाने का संदेह है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांच में यह खुलासा हुआ कि विस्फोट के संदिग्धों के पास लाल रंग की एक कार भी थी.
साथ ही, एक पुलिस सूत्र ने बताया कि कार फरीदाबाद में खड़ी मिली.

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