न्यायालय ने भारत विरोधी, अश्लील पोस्ट मामले में गिरफ्तार प्रोफेसर को ‘युवतियों के खतरा’ बताया

नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने भारत विरोधी और अश्लील सोशल मीडिया पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए असम के एक कॉलेज प्रोफेसर को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि वह ”युवतियों के लिए खतरा” और ”विकृत व्यक्ति” है, जिसे शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कोकराझार जिले के गोसाईगांव कॉलेज में प्रोफेसर रहे मोहम्मद जॉयनल आबेदीन को अंतरिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि उसे महिलाओं का पीछा करने और उनके बारे में ऑनलाइन अश्लील टिप्पणियां करने की आदत है तथा उसे आसानी से जेल से रिहा नहीं किया जा सकता.

पीठ ने प्रोफेसर से कहा, ”तुम्हें सोशल मीडिया पर महिलाओं को परेशान करने और अश्लील टिप्पणियां करने की आदत है. तुम एक विकृत व्यक्ति हो और कॉलेज की युवतियों (छात्राओं) के लिए खतरा हो.” पीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, ”तुम किस तरह के प्रोफेसर हो? तुम प्रोफेसर के नाम पर धब्बा हो. तुम्हें कॉलेज में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.” याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि जिस पोस्ट के लिए उसे गिरफ्तार किया गया था, उसके लिए उसने माफी मांगी थी और जैसे ही उसे पता चला कि उसका सोशल मीडिया पोस्ट देशहित के खिलाफ है, उसने उसे हटा दिया.

पीठ ने उसके सोशल मीडिया पोस्ट का अवलोकन किया और उसकी भाषा देखकर आश्चर्यचकित हुई तथा कहा कि उसकी ”गंदी सोच” है और वह समाज के लिए खतरा है. इसने वकील से पूछा, ”क्या हमें आपसे ऐसा कहना चाहिए कि जो कुछ यहां लिखा गया है उसे पढ.कर सुनाएं, ताकि हर कोई समझ सके कि पोस्ट क्या है?” याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि आरोपी ने माफी मांग ली है और उसने जो कृत्य किया है उसके लिए उसे नौकरी से निकाल दिया गया है.

वकील ने कहा, ”अदालत कोई भी शर्त लगा सकती है और वह (मुवक्किल) उसका पालन करेगा. कृपया उसे जमानत दे दें क्योंकि मामले में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है.” शीर्ष अदालत ने इस बात पर गौर करते हुए कि आबेदीन को 16 मई को गिरफ्तार किया गया था, राज्य सरकार के वकील से कहा कि वह इस बारे में निर्देश मांगें कि क्या गोसाईगांव अदालत में कोई न्यायिक अधिकारी नहीं है.

इसने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि वह मामले की पड़ताल करें और गोसाईगांव अदालत में एक न्यायिक अधिकारी की तैनाती करें या आबेदिन के मामले को कोकराझार जिले की सत्र अदालत को स्थानांतरित करें. पीठ ने उसके वकील से कहा, ”हम बाद में अंतरिम जमानत की संभावना पर विचार करेंगे.” गोसाईगांव निवासी आबेदीन ने मई में कथित तौर पर भारत विरोधी पोस्ट किया था, जिसके लिए उसे पहले हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया.

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