अफगानिस्तान में भूकंप से ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान, पीड़ितों ने खुले में बिताई रात

काबुल. उत्तरी अफगानिस्तान में आए शक्तिशाली भूकंप में 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए. इस भूकंप में बचे लोग कड़ाके की ठंड में रात खुले में बिताने को मजबूर थे. भूकंप प्रभावित लोग मंगलवार को अपने घरों के मलबे से बचे हुए सामान को निकालने की कोशिश करते नजर आए. क्षेत्र में बारिश का पूर्वानुमान है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ. जाएगी.

सोमवार को स्थानीय समयानुसार रात एक बजे से कुछ ही समय पहले 6.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र सामंगन प्रांत के खुल्म शहर से 22 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिणपश्चिम में था. अफगानिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि मंगलवार सुबह तक मृतकों की संख्या 21 हो गई थी, जबकि 819 लोग घायल हुए थे, जिनमें से 25 की हालत गंभीर है.

भूकंप से ऐतिहासिक स्थलों को भी नुकसान पहुंचा है, जिनमें अफगानिस्तान के उत्तरी शहर मजार-ए-शरीफ में स्थित प्रसिद्ध नीली मस्जिद, जो अफगानिस्तान के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक है, तथा खुल्म में बाग-ए-जहां नामा महल भी शामिल है.
बल्ख प्रांत के सूचना एवं संस्कृति प्रमुख महमूदुल्लाह जरार ने बताया कि नीली मस्जिद की मीनार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, जबकि मस्जिद की कुछ दीवारों से ईंटें और टाइलें गिर गई हैं तथा सदियों पुराने स्थल के अन्य हिस्सों में दरारें आ गई हैं.

उन्होंने कहा, “यह पवित्र दरगाह इस्लामी मूल्यों और इस्लामी युग के इतिहास का एक मूल्यवान स्मारक है… (और) इसकी मरम्मत और जीर्णोद्धार की सख्त जरूरत है.” समांगन प्रांत के सूचना एवं संस्कृति प्रमुख फिरोजुद्दीन मुनीब ने बताया कि प्रांत में सबसे ज़्यादा क्षतिग्रस्त ऐतिहासिक स्मारक 19वीं सदी का बाग.-ए-जहांनामा महल था. 1890-1892 में बना यह महल और इसके आस-पास के बगीचे पर्यटकों के बीच एक लोकप्रिय स्थल हैं. खुल्म में स्थानीय निवासी असदुल्लाह समनगानी ने कहा, “हमने कल रात खुले मैदान में बिताई. मौसम बहुत ठंडा था, हमें नींद नहीं आ रही थी, हमें लग रहा था कि अब फिर से भूकंप आएगा.”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *