इजराइली हमले में यमन के हूती विद्रोहियों के सेना प्रमुख की मौत

दुबई/यरूशलम. यमन के हूती विद्रोहियों के नेताओं को निशाना बनाकर अगस्त में किए गए इजराइली हमले में समूह के सेना प्रमुख की मौत हो गई. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. गाजा पट्टी में संघर्षविराम होने के बावजूद हूती विद्रोहियों और इजराइल के बीच तनाव ब­ढ़ने की आशंका ब­ढ़ गई है.

हूती विद्रोहियों ने स्वीकार किया है कि इजराइली हमले में मेजर जनरल मुहम्मद अब्दुल करीम अल-गमारी की मौत हो गई है, जिसे देश में एक दशक से जारी युद्ध में उसकी भूमिका के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित किया गया था. इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने हूती विद्रोहियों के सेना प्रमुख की मौत की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि अल-गमारी की मौत हमले में लगी चोटों के कारण हुई. काट्ज ने 28 अगस्त को किए गए हमलों का हवाला देते हुए यह बात कही. तब हुए हमले में हूती विद्रोही समूह के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी की भी मौत हो गई थी.

इजराइल को दो और बंधकों के शव सौंपे गए

इजराइल को हमास द्वारा बंधक बनाए गए दो और लोगों के शव बुधवार को सौंपे गए. इससे कुछ ही घंटे पहले इजराइली सेना ने कहा था कि युद्ध विराम समझौते के तहत हमास द्वारा मंगलवार को सौंपे गए शवों में से एक शव गाजा में बंधक बनाकर रखे गए व्यक्ति का नहीं है. इस भ्रम की स्थिति ने दो साल से जारी युद्ध को विराम देने वाले नाजुक समझौते को लेकर तनाव और बढ.ा दिया है.

‘रेड क्रॉस’ ने हमास द्वारा सौंपे गए शवों को बुधवार को इजराइल तक पहुंचाया. दोनों ताबूतों के इजराइल पहुंचने के बाद सेना ने एक बयान में कहा कि बंधकों की पहचान अभी तक सत्यापित नहीं हुई है. इस बीच, गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि उसे इजराइल से 45 और फलस्तीनियों के शव मिले हैं जो युद्धविराम समझौते के क्रियान्वयन की दिशा में एक और कदम है. इसके साथ ही गाजा में लाए गए शवों की कुल संख्या 90 हो गई है. इस बीच फोरेंसिक टीम ने कहा कि उसे शवों के परीक्षण के बाद उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने के संकेत मिले हैं.

युद्ध विराम समझौते के तहत हमास ने इजराइल को मंगलवार को चार बंधकों के शव सौंपे थे. इससे पहले सोमवार को चार शव सौंपे गए थे और शेष 20 जीवित बंधकों को रिहा किया गया था. कुल मिलाकर, इजराइल 28 मृत बंधकों के शवों की वापसी का इंतजार कर रहा है. इजराइली सेना ने कहा कि फोरेंसिक जांच से पता चला है कि मंगलवार को ”हमास द्वारा इजराइल को सौंपा गया चौथा शव किसी भी बंधक से मेल नहीं खाता.” इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है कि यह शव किसका है. बंधकों की रिहाई के बदले में इजराइल ने सोमवार को लगभग 2,000 फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया.

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को मांग की कि हमास बंधकों के शवों की वापसी के बारे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तुत युद्धविराम समझौते में निर्धारित शर्तों को पूरा करे. उन्होंने कहा, “हम इस पर कोई समझौता नहीं करेंगे और अपने प्रयास तब तक नहीं रोकेंगे जब तक कि हम अंतिम मृतक बंधक का शव प्राप्त नहीं कर लेते.” यह पहली बार नहीं है जब हमास ने इजराइल को कोई गलत शव लौटाया हो. इस साल की शुरुआत में हुए पिछले युद्धविराम के दौरान समूह ने कहा था कि उसने शिरी बिबास और उनके दो बेटों के शव सौंपे थे. मगर इजराइल में जांच के दौरान लौटाए गए शवों में से एक की पहचान फलस्तीनी महिला के रूप में हुई थी.

बिबास का शव एक दिन बाद वापस लाया गया और उसकी पहचान हो गई. हमास और रेड क्रॉस ने कहा है कि गाजा में व्यापक विनाश के कारण मृत बंधकों के शवों को बरामद करना एक चुनौती है और हमास ने युद्धविराम के मध्यस्थों को बताया है कि कुछ बंधक इजराइली सैनिकों के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में हैं.

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