घोटाले, सरकारी ठेकों में हेराफेरी और लोगों की जमीन हड़पना राजद का शासन मॉडल: भाजपा

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि घोटाले, सरकारी ठेके देने में हेराफेरी और नौकरी का वादा कर लोगों की जमीन हड़पना राजद का शासन मॉडल है. भाजपा ने यह हमला ऐसे वक्त किया है जब एक अदालत ने कथित आईआरसीटीसी घोटाला मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके बेटे व राज्य में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय किए. इसके साथ ही बिहार में चुनाव से पहले उनके खिलाफ मुकदमे की तैयारी शुरू हो गई है.

भाजपा ने बिहार के लोगों से राजद नेता तेजस्वी यादव के उस चुनावी वादे के झांसे में न आने की भी अपील की जिसमें उन्होंने महागठबंधन सरकार बनने के 20 दिन के भीतर कानून लाकर बिहार के हर घर में एक सरकारी नौकरी सुनिश्चित करने की बात कही थी. भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “तेजस्वी यादव बिहार को बदलने जा रहे हैं, जिनके खिलाफ विशेष अदालत द्वारा 420 (धोखाधड़ी के लिए पूर्ववर्ती भारतीय दंड संहिता की धारा 420) का आरोप तय किया जा रहा है. 420 का अर्थ है धोखाधड़ी और इसकी सजा सात साल (कारावास) है.” पूर्व कानून मंत्री ने कहा कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद पहले ही चारा घोटाले में दोषी ठहराये जा चुके हैं.

मामले में तेजस्वी और उनके परिवार के सदस्यों पर लगाए गए आरोपों का हवाला देते हुए, रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उन्होंने कथित तौर पर नौकरी का वादा करके गरीब लोगों से ज़मीनें हड़प लीं. भाजपा नेता ने पूछा कि क्या यही वह “सामाजिक न्याय” है जिसकी तेजस्वी और उनके परिवार के सदस्य बात करते हैं.

उन्होंने आरोप लगाया, ”चारा खाना, कोलतार पीना, सरकारी ठेके देने में हेराफेरी करना और नौकरी का वादा करके जमीन हासिल करना लालू प्रसाद का शासन मॉडल था.” भाजपा नेता ने लोगों से तेजस्वी के रोजग़ार के वादों के झांसे में न आने की अपील की. उन्होंने कहा, “आपको नौकरी तो नहीं मिलेगी, लेकिन अपनी ज़मीन गंवा देंगे.” लोकसभा में पटना साहिब सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले रविशंकर प्रसाद ने बिहार के लोगों से तेजस्वी के नौकरियों के चुनावी वादों के झांसे में नहीं आने की अपील की.

तेजस्वी यादव ने वादा किया है कि महागठबंधन सरकार बनने के 20 दिनों के भीतर बिहार के हर घर के लिए एक सरकारी नौकरी सुनिश्चित करने वाला कानून पारित किया जाएगा. भाजपा नेता ने यह भी कहा कि आईआरसीटीसी घोटाला, जिसे नौकरी के बदले जमीन घोटाला भी कहा जाता है, बिहार विधानसभा चुनाव में एक बड़ा मुद्दा होगा और सत्तारू­ढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) राज्य में राजद शासन के दौरान हुए भ्रष्टाचार के मुद्दे को जोर शोर से उठाएगा. बिहार में दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को विधानसभा चुनाव होंगे. मतगणना 14 नवंबर को होगी. अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ ”प्रथम दृष्टया” मामला बनता है और भूमि हस्तांतरण के संबंध में गंभीर संदेह है.

प्रसाद ने कहा, “आज का दिन ऐतिहासिक था. इस परिवार का भ्रष्ट आचरण एक बार फिर उजागर हो गया है.” उन्होंने तेजस्वी से पूछा कि ऐसी छवि और इस मामले में अदालत की टिप्पणी के साथ वह कैसा बिहार बनाएंगे. उन्होंने कहा, ”यह मुद्दा पूरे बिहार में फैलेगा और बिहार के लोग निश्चित रूप से इस पर विचार करेंगे.” प्रसाद ने तेजस्वी के भाजपा के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप को पूरी तरह बकवास करार दिया और कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले की जांच की और राजद नेता के दावे से बहुत पहले आरोपपत्र दाखिल कर दिया था. प्रसाद ने कहा कि मामले में सबूतों के आधार पर आरोप तय किए गए हैं.

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