
पणजी. केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने बृहस्पतिवार को मांग की कि भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बी आर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले व्यक्ति के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि यह घटना इसलिए हुई क्योंकि उच्च जाति के कुछ लोग इस बात को स्वीकार नहीं कर सके कि दलित समुदाय से आने वाले न्यायमूर्ति गवई इतने ऊंचे पद पर पहुंच गए हैं. प्रमुख दलित नेता और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री आठवले ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह घटना निंदनीय है.
मंत्री ने कहा, ”प्रधान न्यायाधीश पर हमले का प्रयास पहली बार हुआ है. भूषण गवई दलित समुदाय से हैं और उन्होंने अपनी योग्यता के आधार पर यह पद हासिल किया है.” उन्होंने कहा कि उच्च जाति समुदाय के कुछ सदस्य इस तथ्य को पचा नहीं पा रहे हैं. आठवले ने कहा, ”मैं मांग करता हूं कि आरोपी पर एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए, क्योंकि न्यायमूर्ति गवई पर इसलिए हमले का प्रयास किया गया क्योंकि वह दलित हैं. इससे पहले किसी भी प्रधान न्यायाधीश पर हमला नहीं हुआ था.”
