मुंबई. स्थानीय शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को तेजी जारी रही और बीएसई सेंसेक्स 1,436 अंक उछलकर दो सप्ताह के उच्चस्तर पर पहुंच गया. वित्तीय, वाहन और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में लिवाली से बाजार बढ़त में रहा. तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,436.30 अंक यानी 1.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ 79,943.71 अंक पर बंद हुआ. यह एक महीने से अधिक समय में एक दिन की यह सबसे बड़ी तेजी है. कारोबार के दौरान, यह 1,525.46 अंक तक चढ़ गया था.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 445.75 अंक यानी 1.88 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,188.65 अंक पर बंद हुआ. सेंसेक्स के 30 शेयरों में से बजाज फिनसर्व में सर्वाधिक लगभग आठ प्रतिशत की तेजी रही जबकि बजाज फाइनेंस छह प्रतिशत से अधिक चढ़ा. इसके अलावा मारुति, टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, जोमैटो, अल्ट्राटेक सीमेंट और कोटक महिंद्रा बैंक प्रमुख रूप से लाभ में रहे. सन फार्मा एकमात्र कंपनी रही, जिसमें गिरावट रही.
जियोजीत फाइनेंशियल र्सिवसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”घरेलू बाजार में गतिविधियां तेज रहीं. इसका कारण अगले सप्ताह से कंपनियों का वित्तीय परिणाम आना है, जिसको लेकर निवेशक आशावादी हैं. तेजी चौतरफा रही. ज्यादातर क्षेत्रों के सूचकांक लाभ में रहे. वाहन क्षेत्र इसमें अगुवा रहा. इसका कारण दिसंबर महीने में बिक्री का मजबूत होना है. बैंक और आईटी शेयरों का प्रदर्शन भी अच्छा रहा….” मझोली कंपनियों के शेयरों से जुड़ा बीएसई मिडकैप 0.89 प्रतिशत चढ़ा जबकि स्मॉलकैप सूचकांक 0.68 प्रतिशत मजबूत हुआ.
देश में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह दिसंबर महीने में 7.3 प्रतिशत बढ़कर 1.77 लाख करोड़ रुपये रहा है. घरेलू और निर्यात मदों में कर वापसी में उल्लेखनीय वृद्धि के बावजूद जीएसटी संग्रह बढ़ा है. भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर दिसंबर में 12 महीने के निचले स्तर 56.4 पर आ गई. नए ऑर्डर तथा उत्पादन की धीमी गति इसकी मुख्य वजह रही. बृहस्पतिवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई.
मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) दिसंबर में 56.4 रहा, जो नवंबर में 56.5 था. यह परिचालन स्थितियों में कमजोर सुधार का संकेत देता है. गिरावट के बावजूद इसका 54.1 के अपने दीर्घकालिक औसत से ऊपर रहना मजबूत वृद्धि दर का संकेत देता है. पीएमआई के तहत 50 से ऊपर सूचकांक होने का मतलब उत्पादन गतिविधियों में विस्तार है जबकि 50 से नीचे का आंकड़ा गिरावट को दर्शाता है.
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे. यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार में ज्यादातर में गिरावट का रुख रहा. अमेरिकी बाजार बुधवार को नये साल के मौके पर अवकाश के कारण बंद रहा.
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 1,782.71 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.09 प्रतिशत चढ़कर 75.47 डॉलर प्रति बैरल रहा. बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 368.40 अंक चढ़ा था, जबकि एनएसई निफ्टी में 98.10 अंक की तेजी रही थी.
