
लखनऊ/नयी दिल्ली. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा पर फलस्तीन लिखा बैग ले जाने के लिए कटाक्ष किया. आदित्यनाथ ने विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन कहा, ”कल कांग्रेस की एक नेता संसद में फलस्तीन का बैग लेकर घूम रही थी…. और हम उप्र के नौजवानों को इजराइल भेज रहे हैं. अब तक उत्तर प्रदेश के 5,600 से अधिक युवा निर्माण कार्य के लिए इजराइल जा चुके हैं. हर युवा को वहां डेढ. लाख रुपये मासिक वेतन के अलावा मुफ्त भोजन और आवास मिलता है. सुरक्षा की भी पूरी गारंटी है.”
उन्होंने कहा, “हाल ही में इजराइल के राजदूत ने उत्तर प्रदेश का दौरा किया था और कहा था कि वे राज्य से अधिक युवाओं को बुलाना चाहते हैं. उप्र के युवा वहां अच्छा काम कर रहे हैं. दुनिया अब हमारे युवाओं के कौशल को स्वीकार कर रही है. अब जब वह युवा उस पैसे को वापस घर भेजते हैं, तो वह ऐसा करके राज्य के विकास में योगदान दे रहे हैं. हमें उन्हें बधाई देनी चाहिए.”
वायनाड से कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा मंगलवार को संसद में एक हैंडबैग लेकर जाती नजर आईं, जिस पर लिखा था ”बांग्लादेश के हिंदू और ईसाइयों के साथ खड़े हो.” यह घटना फलस्तीन के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के एक दिन बाद हुई है, जिसमें उन्होंने फलस्तीन लिखा हुआ एक हैंडबैग ले रखा था. प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कई कांग्रेस सांसदों ने बांग्लादेश में अत्याचारों का सामना कर रहे हिंदुओं और ईसाइयों के लिए न्याय की मांग करते हुए सोमवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया था.
“बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ खड़े हों” लिखा थैला लेकर संसद पहुंचे प्रियंका, कई अन्य कांग्रेस सदस्य
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और पार्टी के कई अन्य सांसदों ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय तथा दूसरे अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार के खिलाफ सोमवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया और सरकार से उनके लिए न्याय की मांग की. उन्होंने अपने हाथ में थैला भी ले रखा था जिस पर “बांग्लादेश के हिंदुओं और ईसाइयों के साथ खड़े हों” लिखा हुआ था.
प्रियंका गांधी और कई अन्य सांसद संसद भवन में ‘मकर द्वार’ के निकट एकत्र हुए और ”केंद्र सरकार जवाब दो” और ”वी वांट जस्टिस” के नारे लगाए. कांग्रेस ने सोमवार को भी इस विषय को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया था. केरल के वायनाड से लोकसभा सदस्य प्रियंका गांधी ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान भी यह विषय उठाया था. वह सोमवार को फलस्तीनी लोगों के समर्थन में फलस्तीन लिखा हुआ हैंडबैग लेकर संसद पहुंची थीं.
