
नयी दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने महादेव ”ऑनलाइन सट्टेबाजी” मामले से जुड़ी धन शोधन संबंधी जांच के सिलसिले में कोलकाता के ब्रोकर को गिरफ्तार किया है और इसके साथ ही इस मामले में यह 12वीं गिरफ्तारी है.
महादेव ‘ऑनलाइन सट्टेबाजी’ में छत्तीसगढ़ के कई बड़े नेताओं और नौकरशाहों के शामिल होने का आरोप है. एक बयान में बताया गया कि ब्रोकर गोविंद कुमार केडिया को छह दिसंबर को गिरफ्तार किया गया.
केंद्रीय जांच एजेंसी ने बताया कि केडिया कोलकाता का एक ब्रोकर है और उसने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर, इस मामले में अपराध की आय को निवेश करने तथा उस पर मुनाफा कमाने में महादेव ऐप के प्रवर्तकों और अन्य आरोपियों की ”सहायता” की.
ईडी ने इससे पहले केडिया और उससे जुड़े कुछ लोगों के परिसरों पर छापे मारे थी और उसके, उसके परिवार के सदस्यों और उससे जुड़ी संस्थाओं द्वारा शेयर बाजार में किए गए 197 करोड़ रुपये के निवेश को ”फ्रीज” कर दिया था.
एजेंसी ने पूर्व में आरोप लगाया था कि ‘महादेव ऑनलाइन बेटिंग’ (एमओबी) ऐप की जांच में छत्तीसगढ़ के कई बड़े नेताओं और नौकरशाहों की संलिप्तता सामने आई है. ऐप के दो मुख्य प्रवर्तक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल इसी राज्य से हैं. एजेंसी ने इससे पहले इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया था और उसने कुल चार आरोप पत्र दाखिल किए हैं. एजेंसी ने 2295.61 करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क, फ्रीज या जब्त की है.
