बांग्लादेश में मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ, हिंदू संत के वकीलों को पीटा गया: शुभेंदु अधिकारी

कोलकाता/लंदन. पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि बांग्लादेश में मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है, क्योंकि गिरफ्तार हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास के वकील कट्टरपंथियों द्वारा पिटाई किये जाने की वजह से पड़ोसी देश की अदालत में पेश नहीं हो सके. अधिकारी ने पड़ोसी देश में अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों पर कथित अत्याचारों को रोकने के लिए दुनिया भर के मानवाधिकार संगठनों से तत्काल हस्तक्षेप की भी मांग की.

उन्होंने कहा, ”कम से कम 70 वकीलों को झूठे मामलों में फंसाया गया है. मुझे खबर मिली है कि उन्हें गिरफ्तार किया गया है. यह तस्वीर देखिए… गिरफ्तार हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास के मुख्य वकील रमन रॉय को जमात के कट्टरपंथियों ने बुरी तरह पीटा. उनकी ओर से पेश होने वाले व्यक्ति रेगन आचार्य की भी बुरी तरह से पिटाई की गई.” पश्चिम बंगाल विधानसभा के बाहर अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा,”दोनों वकीलों को गिरफ्तार हिंदू संत की ओर से अदालत में पेश होना था,लेकिन अब वे अपनी जान के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यह मानवाधिकारों का पूर्ण उल्लंघन है और मेरा मानना ??है कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए.” वह इस खबर पर प्रतिक्रिया दे रहे थे कि बांग्लादेश में गिरफ्तार हिंदू संत के लिए कोई वकील पेश नहीं हुआ जिसकी वजह से उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई अगले महीने तक के लिए स्थगित कर दी गई.

बांग्लादेश की एक अदालत ने मंगलवार को सरकार की याचिका पर दास की जमानत याचिका पर सुनवाई अगले साल दो जनवरी तक के लिए टाल दी क्योंकि उनकी ओर से कोई वकील पेश नहीं हुआ. बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता दास को 25 नवंबर को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. चटगांव की एक अदालत ने 26 नवंबर को उन्हें जमानत देने से इनकार करते हुए जेल भेज दिया था जिसके बाद उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था.

अधिकारी ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर कथित अत्याचार का उल्लेख करते हुए हिंदुओं से एकजुट रहने और अत्याचारों के खिलाफ खड़े होने की अपील की. अधिकारी ने दावा किया, ”इस्कॉन की उपस्थिति पूरी दुनिया में है और उसे इस पर सख्ती से प्रतिक्रिया देनी चाहिए. बांग्लादेश में एक आतंकवादी समूह काम कर रहा है, जो हमास, आईएसआईएस और तालिबान से भी बदतर है. हिंदुओं के लिए अपनी आवाज उठाने का यह सही समय है.” उन्होंने कहा कि भाजपा बांग्लादेश की स्थिति के खिलाफ अपना प्रदर्शन तेज करेगी.
अधिकारी ने कहा, ” हम अपना विरोध प्रदर्शन तेज करेंगे.दुनिया भर के हिंदुओं को एकजुट होना होगा.”

ब्रिटिश संसद ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले को लेकर चिंता जताई
अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हाल के हमलों और धार्मिक नेताओं की गिरफ्तारी पर ब्रिटिश सांसदों के चिंता जताने के बाद ब्रिटेन की सरकार बांग्लादेश में स्थिति पर नजर रख रही है. एक वरिष्ठ मंत्री ने यहां यह जानकारी दी. लेबर पार्टी के सांसद बैरी गार्डिनर द्वारा सोमवार को ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में रखे गए एक तत्काल प्रश्न के दौरान, विदेश कार्यालय में हिंद प्रशांत क्षेत्र की प्रभारी मंत्री कैथरीन वेस्ट ने कहा कि पिछले महीने उनकी बांग्लादेश यात्रा के दौरान उन्हें बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने आश्वासन दिया था कि अल्पसंख्यक समुदायों के लिए सहायता उपलब्ध है.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिटेन,उन शुरुआती देशों में शामिल था जिसके मंत्री मुख्य सलाहकार प्रोफेसर यूनुस से बात करने के लिए ढाका गए थे और वह अल्पसंख्यकों के समर्थन में “मुखर” रहा. वेस्ट ने कहा, ” हम एक प्रसिद्ध हिंदू नेता चिन्मय कृष्ण दास की राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार के चिंता जताने वाले बयान से अवगत हैं. ब्रिटेन का विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) डेस्क उन घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहा है.”

मंत्री ने कहा, ” ब्रिटेन सरकार इस स्थिति पर नजर रखना जारी रखेगी तथा वह बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के साथ धर्म या आस्था की स्वतंत्रता के महत्व पर बातचीत करेगी, क्योंकि यह हिंदू समुदाय को प्रभावित करती है.” भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव पांच अगस्त से ही जारी है, जब अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत चली गई थीं. पिछले हफ्ते दास की गिरफ्तारी के बाद स्थिति और भी बिगड़ गई.

बांग्लादेश में नौकरी में आरक्षण की विवादास्पद प्रणाली को लेकर हसीना की अवामी लीग के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंदू समुदाय को नियमित रूप से हमलों का सामना करना पड़ा और उनके पूजा स्थलों को भी निशाना बनाया गया. लंदन के ब्रेंट वेस्ट से सांसद गार्डिनर ने स्थिति को “स्पष्ट रूप से खतरनाक” बताया और “ब्रिटेन में बड़ी संख्या में प्रवासी आबादी और बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के साथ मजबूत संबंध रखने वाले बड़े हिंदू समुदाय” की ओर से चिंता जताई. ब्रेंट वेस्ट क्षेत्र में बड़ी संख्या में ब्रिटिश हिंदू रहते हैं.

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