
लंदन. ब्रिटेन की उप प्रधानमंत्री ने भारतीय मूल की युवती हर्षिता ब्रेला (24) की हत्या को ‘बर्बर’ कृत्य करार दिया है. पीड़िता का शव पूर्वी लंदन में एक कार की डिग्गी में मिला था. हत्या के इस मामले की जांच शुरू की गई है. शुरुआती जांच से पता चला है कि हर्षिता घरेलू हिंसा का सामना कर रही थी. हर्षिता ने अपने पति पंकज लांबा के खिलाफ 28 दिन का घरेलू हिंसा संरक्षण आदेश हासिल किया था. लेकिन इस महीने नॉर्थहेम्पटनशायर के कॉर्बी स्थित उसके घर में हत्या किये जाने से पहले इसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था.
इस निर्वाचन क्षेत्र के स्थानीय सांसद ली बैरन ने बुधवार को ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में इस मुद्दे को उठाया और उप प्रधानमंत्री एंजेला रेनर से पूछा कि क्या कुछ परिस्थितियों में घरेलू हिंसा संरक्षण आदेश (डीवीपीओ) 28 दिनों से अधिक समय तक चलना चाहिए. डीवीपीओ अदालत के आदेश होते हैं जो घरेलू हिंसा के अपराधी को अपने घर लौटने या पीड़ित के साथ संपर्क करने से प्रतिबंधित करते हैं.
बैरन ने कहा, ”इस दुखद हत्या ने एक समुदाय को स्तब्ध करने के साथ उसे भयभीत कर दिया है और पुलिस द्वारा इसकी जांच की जा रही है. र्हिषता को 28 दिनों तक चलने वाले घरेलू हिंसा संरक्षण आदेश द्वारा संरक्षित किया गया था. लेकिन इसका नवीनीकरण नहीं कराया गया.” अपने जवाब में एंजेला रेनर ने कहा कि सरकार महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को आधा करने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा, ”भयावह परिस्थितियों में मेरी संवेदनाएं र्हिषता के परिवार के साथ हैं, जहां र्हिषता को संरक्षित किया जाना चाहिए था और उसे संरक्षित महसूस कराया जाना चाहिए था… उम्मीद है कि सदन में हम अपना काम करना जारी रखेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हम र्हिषता द्वारा सामना की गई परिस्थितियों को समाप्त कर सकें. हम इस तरह के बर्बर कृत्य को रोक सकते हैं.” इस बीच र्हिषता ब्रेला की हत्या की जांच बुधवार को नॉर्थम्प्टन में शुरू की गई और 21 मई, 2025 तक के लिए स्थगित कर दी गई. उसके 23 वर्षीय पति पंकज लांबा की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश जारी है. जांच से जुड़ी सुनवाई के दौरान र्हिषता की मौत का अनंतिम कारण हाथ से गला घोंटा जाना बताया गया.
पुलिस ने सीसीटीवी में रिकॉर्ड वीडियो के आधार पर लांबा की तस्वीरों की एक श्रृंखला जारी की है. पंकज पर संदेह है कि उसने 10 नवंबर को कॉर्बी स्थित अपने घर में पत्नी की हत्या की और फिर उसके शव को लगभग 145 किमी दूर लंदन ले गया और कार छोड़कर देश से भाग गया.
र्हिषता के दिल्ली स्थित परिवार के अनुसार, उसने पिछले साल लांबा से शादी की थी और अप्रैल में ब्रिटेन चली गई. र्हिषता एक गोदाम में काम करती थी, जबकि लांबा लंदन में एक छात्र है. पीड़िता के पिता सतबीर ब्रेला, मां सुदेश कुमारी और बहन सोनिया डबास ने हत्यारों को न्याय के कठघरे में लाने की अपील की है. परिवार के लोग चाहते हैं कि अंतिम संस्कार के लिए र्हिषता का शव उन्हें सौंपा जाए.
