गोपनीय दस्तावेज रखने के आरोप में पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई लोकतांत्रिक स्वतंत्रता पर हमला: कांग्रेस

नयी दिल्ली/लखनऊ. गोपनीय दस्तावेज रखने के आधार पर एक अंग्रेजी दैनिक के पत्रकार के खिलाफ गुजरात पुलिस की कार्रवाई को लोकतांत्रिक स्वतंत्रता पर खुलेआम हमला करार देते हुये कांग्रेस ने आरोप लगाया कि असली अपराध गुजरात सरकार के शीर्ष स्तर पर हो रहा है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अदाणी समूह से मामले में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच जरूरी है.

गुजरात पुलिस ने ‘द हिंदू’ अखबार के साथ काम करने वाले लांगा के खिलाफ गोपनीय दस्तावेज रखने के आरोप में मामला दर्ज किया था. यह मामला तब दर्ज किया गया था जब पत्रकार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े घोटाले से संबंधित एक अलग मामले में पहले से ही न्यायिक हिरासत में है.

रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”अहमदाबाद में ‘द हिंदू’ के वरिष्ठ पत्रकार पर गुजरात मैरीटाइम बोर्ड (जीएमबी) की आधिकारिक दस्तावेज रखने का आरोप लगाया गया है. यह स्पष्ट रूप से उस कुत्सित तरीक.े से ध्यान हटाने के लिए किया गया है जिसमें जीएमबी को सरकारी खज.ाने की क.ीमत पर ‘मोदानी’ को विशेष लाभ देने के लिए मजबूर किया गया है.” उन्होंने आरोप लगाया कि गोपनीय फाइलें रखने के आधार पर महेश लांगा की गिरफ़्तारी ‘मोदानी’ का लोकतांत्रिक स्वतंत्रता पर खुलेआम हमला है.
रमेश ने कहा, ”असली अपराध गुजरात सरकार के शीर्ष स्तर पर हो रहा है. इसीलिए हम बार-बार कह रहे हैं कि ‘मोदानी’ मामले की व्यापक रूप से संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच करवाने की आवश्यकता है.”

उन्होंने कहा, ”आप क्रोनोलॉजी समझिए. वर्ष 2024 की शुरुआत में, अदाणी पोर्ट्स ने गुजरात मैरीटाइम बोर्ड (जीएमबी) से ‘बिल्ड-ऑपरेट-ओन-ट्रांसफर’ (बूट) के आधार पर निजी बंदरगाहों के लिए रियायत की अवधि को मौजूदा 30 साल से बढ.ाकर 75 साल करने का अनुरोध किया, जो कि 50 वर्ष की अधिकतम स्वीकार्य अवधि से काफ.ी अधिक है.” रमेश के अनुसार, 12 मार्च, 2024 को जीएमबी की बैठक हुई और सिफ.ारिश की गई कि बंदरगाहों की संपत्तियों और संचालन के लिए अधिक बोलियां आमंत्रित की जाएं, मौजूदा ऑपरेटर (अदाणी पोर्ट्स) के साथ वित्तीय शर्तों पर फिर से बातचीत की जाए और बंदरगाहों के लिए अलग-अलग दर संरचनाएं तैयार और लागू की जाएंगी.

उन्होंने दावा किया, ”कुछ दिनों बाद जीएमबी की सिफ.ारिशों को ‘गुजरात इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड’ (जीआईडीबी) और स्वयं मुख्यमंत्री ने ख.ारिज. कर दिया. ऐसा होने से अदाणी पोर्ट्स को मुंद्रा, हजीरा और दहेज बंदरगाहों पर 75 वर्षों के लिए नियंत्रण पाने का रास्ता साफ हो गया.” रमेश का कहना है कि ये सभी तथ्य 14 अगस्त, 2024 को सार्वजनिक रूप से सामने आए.

उन्होंने कहा, ”राज्य के वित्त विभाग ने मौजूदा रियायत अवधि 2027-28 में समाप्त होने के बाद अदाणी पोर्ट्स द्वारा राज्य को मिलने वाली रॉयल्टी राजस्व की राशि पर जीएमबी से कुछ स्पष्टीकरण मांगे. अडानी पोर्ट्स द्वारा राज्य को किए जाने वाले भुगतान का जीएमबी का प्रारंभिक अनुमान लगभग 1700 करोड़ रुपये प्रति वर्ष था जबकि कंपनी का दावा था कि यह प्रति वर्ष केवल 394 करोड़ रुपये था.” कांग्रेस नेता ने कहा, ”इसके बाद भारी बवाल मचा. अधिकारियों के तबादले कर दिए गए और कंपनी के लिए सुविधाजनक तरीक.े से नंबरों पर फिर से काम किया गया. मामला फिलहाल वित्त विभाग के पास है. देखते हैं आगे क्या होता है.”

महाराष्ट्र को निवेश से वंचित करने की साजिश रची की गई, जनता करारा जवाब देगी: कांग्रेस

कांग्रेस ने सोमवार को महाराष्ट्र की ‘महायुति’ सरकार पर राज्य के हितों का त्याग करने का आरोप लगाया और दावा किया कि प्रदेश को महत्वपूर्ण निवेश से वंचित करने की साजिश रची गई. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के लोग राज्य के साथ किए गए विश्वासघात के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके सहयोगियों को करारा जवाब देंगे.

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”प्रधानमंत्री आज टाटा-एयरबस सी-295 एयरक्राफ्ट सुविधा का शुभारंभ करने के लिए वडोदरा में हैं. बिलकुल इसी परियोजना को नागपुर में लगाया जाना था, लेकिन 2022 में गुजरात विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इसे वहां स्थानांतरित कर दिया गया.” रमेश ने दावा किया कि कोई केवल उस साजिश की कल्पना ही कर सकता है जो यह सुनिश्चित करने के लिए पर्दे के पीछे रची जा रही थी कि महाराष्ट्र इस महत्वपूर्ण निवेश से वंचित रह जाए.

उन्होंने आरोप लगाया, ”यह कोई अपवाद नहीं है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व और निर्देश में केंद्र सरकार और महायुति सरकार ने नई परियोजनाओं को राज्य में लाने या केंद्र से समर्थन प्राप्त करने के मामले में महाराष्ट्र के हितों का पूरी तरह से त्याग कर दिया है.” रमेश ने कहा, ”कांग्रेस और एमवीए अपने पसंदीदा के लिए अलग भूमिका निभाने में विश्वास नहीं करते. हम पूरे देश के समान विकास में विश्वास करते हैं. जब 1970 और 80 के दशक में गुजरात का औद्योगीकरण जारी था, तब अन्य राज्यों से परियोजनाएं छीने बिना गुजरात स्टेट र्फिटलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (जीएसएफसी), गुजरात रिफाइनरी और आईपीसीएल जैसी परियोजनाएं स्थापित की गईं.”

महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाली ‘महायुति’ के ‘महादुखी’ काल का अंत होगा : अखिलेश यादव

विपक्षी दलों के समूह ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के प्रमुख घटक दल समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को दावा किया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में संयुक्त और संगठित राजनीतिक रणनीति से भारतीय जनता पाटी (भाजपा) के नेतृत्व वाली ‘महायुति’ के ‘महादुखी’ काल का अंत होगा.

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर महाराष्ट्र के निवासियों और मीडियार्किमयों को संबोधित एक अपील में सपा प्रमुख यादव ने महाराष्ट्र चुनाव में महायुति के खिलाफ एकजुटता दिखाने का आह्वान करते हुए दावा किया, ”संयुक्त और संगठित राजनीतिक रणनीति से भाजपा के नेतृत्व वाली ‘महायुति’ के ‘महादुखी’ काल का अंत होगा.” उन्होंने इस अपील के सबसे अंत में प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, ”महाराष्ट्र के दुश्मनों को हराने के लिए और सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए वचनबद्ध और संकल्पबद्धङ्घ.आपका अखिलेश.”

अपने पोस्ट की शुरुआत में यादव ने कहा, ”प्रिय महाराष्ट्रवासियो और मीडियार्किमयो, आपकी जागरुकता से महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव ‘महाराष्ट्र’ को भाजपा की साजिशों से भरी तोड़-फोड की नकारात्मक राजनीति और सांप्रदायिक सियासी दांव पेचों से मुक्ति दिलाएगा.” यादव ने कहा, ”संयुक्त विपक्ष की सकारात्मक रणनीति और परस्पर समायोजन को भाजपा की नकारात्मक राजनीति समझ ही नहीं पा रही है. महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को धीरे-धीरे खत्म करने के भाजपाई षड्यंत्र का खुलासा महाराष्ट्र की जनता के सामने हो गया है.”

उन्होंने कहा, ”भाजपा ने महाराष्ट्र के समाज के ऐतिहासिक सौहार्द और भाईचारे को भी तोड़ा है और राजनीतिक दलों को भी. भाजपा चाहती है कि महाराष्ट्र को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से इतना कमजोर कर दिया जाए कि महाराष्ट्र के हाथ से देश के आर्थिक नेतृत्व की लगाम छीनकर किसी और के हाथ में दी जा सके.” उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ”महाराष्ट्र की जनता और महाराष्ट्र के हितों की रक्षा करने वाले मीडियार्किमयों के बीच आई ‘राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक चेतना’ भाजपा की इस चाल को कामयाब नहीं होने देगी.”

युवा कांग्रेस की नेता के खिलाफ पुलिस की मनमानी कार्रवाई, बलात्कार की धमकी देने वाला आजाद: कांग्रेस

कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय युवा कांग्रेस की नेता रोशनी जायसवाल के खिलाफ उत्तर प्रदेश की पुलिस मनमाने ढंग से कार्रवाई कर रही है जबकि उन्हें बलात्कार की धमकी देने वाला आजाद घूम रहा है. पार्टी की महिला इकाई की अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि कांग्रेस इस नाइंसाफी के खिलाफ और रोशनी जायसवाल के साथ खड़ी है.

युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव रोशनी कुशल जायसवाल को भारतीय जनता पार्टी पार्टी (भाजपा) के एक समर्थक राजेश सिंह के घर पर पहुंच कर उनके एवं उनके परिजनों के साथ मारपीट और बदसलूकी करने के मामले में वाराणसी की अदालत ने हाजिर न होने पर कुर्की का आदेश जारी किया है. पुलिस ने इस मामले में अदालत के आदेश पर शुक्रवार को कांग्रेस नेत्री जायसवाल के घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया.

इसके बाद रोशनी का सोशल मीडिया में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह मदद की अपील करती सुनी जा सकती हैं.
अलका लांबा ने संवाददाताओं से कहा, ”हम आपको ‘बेटी बचाओ’ का नारा देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की बेटी रोशनी जयसवाल की आपबीती बता रहे हैं. राजेश सिंह नाम का एक शख्स चार साल से रोशनी का पीछा कर रहा है और बलात्कार की धमकियां दे रहा है. आज राजेश सिंह आजाद घूम रहा है, लेकिन रोशनी का परिवार जेल में है.” उन्होंने कहा कि रोशनी अपने 9 साल के बच्चे और बूढ़े मां-बाप के साथ दर-दर की ठोकरें खा रही है और न्याय की गुहार लगा रही है.

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