चेन्नई. तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के प्रमुख विजय ने रविवार को तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) का नाम लिए बगैर उस पर अवैध रेत खनन के जरिये 4,730 करोड़ रुपये की ‘लूट’ का आरोप लगाया. साल 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए लगभग दो महीने के अंतराल के बाद अपना अभियान शुरू करते हुए उन्होंने यह बात कही.
उन्होंने उस पर वंशवादी राजनीति का भी आरोप परोक्ष रूप से लगाया और दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी अपने संस्थापक सी. एन. अन्नादुरई के ‘जनता के बीच जाओ’ वाले निर्देश को भूल गई है. कांचीपुरम जिले के एक ऑडिटोरियम में पार्टी कार्यकर्ताओं, प्रशंसकों और आम जनता को संबोधित करते हुए विजय ने सीधे तौर पर नाम लिए बिना आरोप लगाया कि द्रमुक की विचारधारा केवल लूट करना है.
उन्होंने कहा, “वे बस विचारधारा की बातें करते हैं, अपने सारे सिद्धांतों को गिरवी रख चुके हैं, और ऐसे अभिनय करते हैं मानो सिद्धांतों पर उनका ही एकाधिकार हो. क्या उनकी विचारधारा सिर्फ लूटना ही नहीं है? क्या आपको लगता है लोग यह सब नहीं जानते?” विजय ने कहा कि पालार नदी कांचीपुरम क्षेत्र की जीवनरेखा है और ऐसी जीवनदायिनी नदी को उन लोगों ने बर्बाद व नष्ट कर दिया है जो समाज सुधारक “पेरियार” ई.वी. रामासामी और अन्ना के नाम का केवल उपयोग करते हैं.
उन्होंने कहा कि अवैध रेत खनन के जरिए “4,730 करोड़ रुपये की छोटी सी राशि” की लूट हुई है और लगभग 22.70 लाख यूनिट रेत का स्वीकृत सीमा से अधिक खनन किया गया है. विजय ने कहा, “वे सबूत नहीं मांग सकते क्योंकि यह (मामला) अदालत में है और प्रवर्तन निदेशालय इसकी जांच कर रहा हैङ्घ अगर रेत लूटी जाती है, तो जल स्रोत नष्ट हो जाएंगे, कृषि नष्ट हो जाएगी और अगर कृषि नष्ट हो गई, तो किसान बर्बाद हो जाएंगे. कुल मिलाकर, हम सब पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे. क्या आपने कभी सुना है कि कोई पार्टी ऊपर से नीचे तक लूट करने के लिए सिंडिकेट बनाती है?” नवगठित टीवीके के प्रमुख ने द्रमुक पर वंशवादी राजनीति का आरोप परोक्ष रूप से लगाते हुए पार्टी के दिवंगत नेता एम. करुणानिधि के उस पुराने वक्तव्य को याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी कांचीपुरम का “शंकर मठ” नहीं है.
दिवंगत करुणानिधि ने यह टिप्पणी एक विशेष संदर्भ में की थी, ताकि यह दोहराया जा सके कि पार्टी अपना अध्यक्ष स्वयं तय करती है और किसी को भी मठ की तरह यूं ही शीर्ष पद पर नियुक्त नहीं किया जाता. उन्होंने दिवंगत एम.जी.आर. की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा, एक स्थायी मकान, एक मोटरसाइकिल और सभी के लिए एक कार टीवीके के लक्ष्यों में शामिल है. विजय ने कहा कि वह करूर भगदड़ के बारे में बाद में बात करेंगे.
करूर में 27 सितंबर की भगदड़ की घटना के बाद, विजय ने पहली बार अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और लोगों को संबोधित किया. इसके साथ ही अगले साल राज्य विधानसभा चुनाव से पहले उनका अभियान फिर से शुरू हो गया. विजय ने कहा कि टीवीके अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले अपने घोषणापत्र में जनता के लिए अपना दृष्टिकोण पेश करेगी. साथ ही उन्होंने पार्टी के कुछ आकांक्षी लक्ष्य साझा करने की इच्छा व्यक्त की.
उन्होंने कांचीपुरम के बुनकरों की पीड़ा के बारे में विस्तार से बात की, जो विश्वस्तरीय रेशमी और हथकरघा कपड़े बनाते हैं. विजय ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि उसने उन्हें उसी तरह नजरअंदाज किया जैसे डेल्टा जिलों के किसानों को किया. टीवीके प्रमुख ने कहा, ”हर किसी के पास पक्का घर होना चाहिए. हर घर में एक मोटरसाइकिल जरूर होनी चाहिए. कार भी एक लक्ष्य है; इसे पाने के लिए हमें आर्थिक विकास का रास्ता बनाना होगा.”
