महाराष्ट्र: भाजपा ने 2020 में भीड़ हिंसा से जुड़े पालघर के नेता को पार्टी में शामिल करने पर रोक लगाई

मुंबई. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई ने सोमवार को कहा कि उसने पालघर के नेता काशीनाथ चौधरी को पार्टी में शामिल करने पर रोक लगा दी है. चौधरी पर 2020 में साधुओं की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में संलिप्त होने का आरोप है.
चौधरी को पालघर में आयोजित एक कार्यक्रम में भाजपा की सदस्यता प्रदान की गई थी, जिसकी आलोचना विभिन्न वर्गों ने की थी. इसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने यह निर्देश जारी किया.

पार्टी ने एक बयान में कहा कि आधिकारिक जांच रिकॉर्ड के अनुसार, चौधरी मामले से संबंधित किसी भी प्राथमिकी या आरोप-पत्र में नामजद नहीं हैं. बयान में कहा गया, ”लेकिन मामले की गंभीरता के मद्देनजर, राज्य स्तर पर उनके शामिल होने के संबंध में निर्णय पर अस्थायी रूप से रोक लगाई जाती है.” चव्हाण ने कहा कि अंतिम निर्णय लेने से पहले मामले की और समीक्षा की जाएगी. कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सत्तारू­ढ़ दल को घेरते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर रेखांकित किया कि भाजपा ने चौधरी पर पालघर भीड़ हिंसा मामले में मुख्य आरोपी होने का आरोप लगाया था और घटना के बाद उन्हें निशाना बनाया था.

विपक्षी दल ने पोस्ट में कहा, ”हालांकि, खबर यह है कि चौधरी को बहुत धूमधाम से भाजपा में शामिल कर लिया गया है. यह भाजपा का दोहरा मापदंड है.” महाराष्ट्र के ग­ढ़चिंचले गांव में 16 अप्रैल, 2020 को दो साधुओं, चिकने महाराज कल्पवृक्षगिरी (70) और सुशील गिरी महाराज (35) तथा उनके वाहन चालक नीलेश तेलगड़े (30) की भीड़ ने कोविड-19 लॉकडाउन में कथित तौर पर बच्चा चोर होने की आशंका में पत्थर मारकर हत्या कर दी थी. घटना के समय भाजपा ने तत्कालीन महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार पर निशाना साधा था. उस समय चौधरी अविभाजित एमवीए में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे.

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