नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को कहा कि उसने राज्य विधानसभाओं में अब तक की सर्वाधिक संख्या हासिल कर ली है. पार्टी ने विश्वास जताया कि 2014 से जिस गति से वह आगे बढ़ रही है, उससे अगले दो वर्षों में वह वर्तमान 1,654 विधायकों से बढ़कर 1,800 विधायकों का आंकड़ा पार कर लेगी.
भाजपा विधायकों की संख्या पर वर्षवार आंकड़े साझा करते हुए पार्टी नेता अमित मालवीय ने कहा कि पार्टी ने ”अपनी उन्नति अर्जित की है और उसे बनाए रखा है. यह सीट-दर-सीट, राज्य-दर-राज्य, संघर्ष-दर-संघर्ष का नतीजा है, जबकि कांग्रेस अपनी विरासत के भरोसे है. मालवीय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर आंकड़ों का साझा करते हुए कहा, ‘भाजपा विधायक गणना’ के अनुसार, राज्य विधानसभाओं में भाजपा विधायकों की संख्या 2014 के 1,035 से बढ़कर इस वर्ष 1,654 हो गई है.
उन्होंने कहा, ”भाजपा अब राज्य विधानसभाओं में अपनी सर्वोच्च ताकत पर है और यह गति बढ़ती ही जा रही है. इस गति से, भाजपा अगले दो वर्षों में आराम से 1800 सीटों का आंकड़ा पार कर जाएगी.” तुलना के लिए, भाजपा आईटी विभाग के प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस ने 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद ”भारी सहानुभूति लहर” पर सवार होकर लगभग 2018 विधायकों के साथ अपने चरम को छुआ था.
मालवीय ने कहा, ”तब सत्ता को मजबूत करना और मतदाताओं को प्रभावित करना आसान था.” उन्होंने कहा, ”अंतर स्पष्ट है: कांग्रेस को अपना शिखर विरासत में मिला था. भाजपा ने अपनी उन्नति अर्जित की है और उसे सहन किया है – सीट-दर-सीट, राज्य-दर-राज्य एवं संघर्ष-दर-संघर्ष.” भाजपा नेता ने कहा कि भविष्य उस पार्टी का है, जो काम करती है, न कि उस पार्टी का जो ”विरासत के सहारे रहती है”.
सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा में 243-सदस्यीय सदन में 202 सीट जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल कर लिया. भाजपा 89 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. उसकी सहयोगी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जनता दल (यूनाइटेड) ने 85 सीट जीतीं, जबकि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 19 सीट हासिल हुईं.
