मुजफ्फरनगर/नयी दिल्ली. देश में आतंकवादी गतिविधियों की व्यापक जाँच के सिलसिले में गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) द्वारा हाल ही में पकड़े गए दो युवक पहले यहाँ एक ही मदरसे में साथ पढ़ते थे. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. गिरफ्तार किए गए युवक शामली जिले के झिंझाना कस्बे का दर्जी आज.ाद सुलेमान शेख (20) और लखीमपुर खीरी का मोहम्मद सुहैल खान (23) बुढ़ाना कस्बे के एक स्थानीय मदरसे के छात्र रहे थे.
पीटीआई-भाषा से बात करते हुए, बुढ़ाना मदरसे के मोहतमिम (शिक्षक) मौलाना दाउद ने पुष्टि की कि दोनों युवकों ने उनके संस्थान में हाफिज-ए-कुरान (कुरान कंठस्थ) की पढ़ाई की थी, लेकिन गिरफ्तारी से बहुत पहले ही वे वहाँ से चले गए थे. मौलाना दाउद ने कहा, ”आज.ाद शेख ने 2018 से 2019 तक यहाँ पढ़ाई की. कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान मदरसा बंद होने पर वह चला गया और फिर कभी वापस नहीं लौटा.” मौलवी ने आगे कहा, ”सुहैल लगभग तीन महीने पहले हाफ.जि. की पढ़ाई के लिए आया था, लेकिन पांच नवंबर को अपने पिता की बीमारी का हवाला देकर चला गया. उसके बाद से वह वापस नहीं आया.” मदरसा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि संस्था केवल धार्मिक शिक्षा प्रदान करती है और इसका ”किसी भी अवैध या गैरकानूनी गतिविधि से कोई संबंध नहीं है.” उन्होंने कहा कि उन्हें दोनों पूर्व छात्रों की गिरफ़्तारी के बारे में मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से ही पता चला.
इस बीच, आज.ाद के पिता, सुलेमान, जो झिंझाना में एक निर्माण मज.दूर हैं, ने पीटीआई-भाषा से कहा कि उनका बेटा ‘निर्दोष’ है और परिवार को इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह गुजरात कैसे पहुँचा. सुलेमान ने कहा, ”मेरा बेटा 40 दिनों की तब्लीगी जमात यात्रा पर पश्चिम बंगाल गया था. बाद में, उसने हमें बताया कि वह अपने मदरसे वापस जा रहा है, लेकिन वह वहाँ कभी नहीं पहुँचा. हमें उसकी गिरफ्तारी के बारे में खबरों से पता चला.” शामली के पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने कहा कि गुजरात एटीएस ने आज.ाद को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और उत्तर प्रदेश एटीएस भी उसकी पृष्ठभूमि की समानांतर जाँच कर रही है. सिंह ने कहा, ”आज.ाद के नाम से कोई पासपोर्ट नहीं मिला है. हम जाँच के तहत उसके बैंक विवरण और स्थानीय संबंधों की पुष्टि कर रहे हैं.” दोनों संदिग्धों को गुजरात एटीएस ने आठ नवंबर को गिरफ्तार किया था. अधिकारियों ने चल रही जाँच का हवाला देते हुए मामले के बारे में और जानकारी नहीं दी है.
नागरिक समाज में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं : जामा मस्जिद के शाही इमाम
जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने लाल किले के पास हुए विस्फोट की निंदा करते हुए बृहस्पतिवार को इसे एक ”घृणित आतंकवादी हमला” बताया और कहा कि नागरिक समाज में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है. बुखारी ने यह भी उम्मीद जताई कि सरकार दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी.
जामा मस्जिद द्वारा जारी एक बयान में शाही इमाम ने कहा, ”दृढ़ राष्ट्रीय संकल्प के साथ, हम आतंकवाद के खतरे से एकजुट होकर लड़ेंगे और इसे हराने में सफल होंगे.” लाल किले के पास सोमवार शाम हुए उच्च-तीव्रता वाले विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई.
राष्ट्रीय राजधानी के केंद्र में हुए ”आतंकवादी हमले” की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए बुखारी ने कहा, ”नागरिक समाज में आतंकवाद के लिए न कोई जगह है और न ही कभी हो सकती है.”
