छापेमारी के दौरान छत से धक्का दिए जाने से दलित व्यक्ति की मौत, दो पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज

शाहजहांपुर/लखनऊ. शाहजहांपुर में छापेमारी के दौरान पुलिसर्किमयों द्वारा कथित तौर पर 55 वर्षीय दलित व्यक्ति को छत से धक्का दिए जाने के बाद उसकी मौत होने के मामले में एक उपनिरीक्षक (दरोगा) और एक अन्य पुलिसकर्मी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.

इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) से एकजुट होने का आह्वान किया. यह घटना जिले के तिलहर थाना क्षेत्र के मौजमपुर गांव में मंगलवार देर रात हुई थी, जहां पुलिस सत्यभान (55) के घर उसके बेटे अभिषेक को गिरफ्तार करने पहुंची थी. अभिषेक हत्या के प्रयास के एक मामले में आरोपी है.

परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दरवाजा तोड़ दिया, परिवार के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया और छापेमारी के दौरान सत्यभान को छत से धक्का दे दिया. सूत्रों के मुताबिक गंभीर रूप से घायल सत्यभान को पहले तिलहर अस्पताल ले जाया गया और बाद में शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां बुधवार तड़के उसकी मौत हो गई. उसकी मौत से पहले रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें घायल अवस्था में वह दावा कर रहा है कि पुलिसर्किमयों ने उसे पीटा और छत से धक्का दे दिया.

हालांकि, पुलिस ने इस आरोप से इनकार किया है. पुलिस ने बताया कि मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हृदयाघात बताया गया है. पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश द्विवेदी ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि थाना तिलहर अंतर्गत मौजमपुर में सत्यभान की छत से गिरकर मौत हो गई थी जिसमें परिजनों द्वारा पुलिसर्किमयों पर आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने मृतक को धक्का दिया था. उन्­होंने कहा कि मामले में परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिसर्किमयों पर रिपोर्ट दर्ज कर मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया जिसमें मौत का कारण हृदयाघात पाया गया.

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 (गाली गलौज) तथा 105 (गैर इरादतन हत्या) के अलावा अनुसूचित जाति जनजाति निवारण अधिनियम के तहत दरोगा राहुल सिसोदिया तथा एक अन्य पुलिसकर्मी के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
दलित सत्यभान की मौत पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गहरा शोक जताया और प्रदेश-देशवासियों से कहा कि अब तो सत्ताधारियों ने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की जान भी लेनी शुरू कर दी है.

सपा मुख्यालय से जारी एक बयान में यादव ने कहा, ह्ल पीडीए में शामिल वर्ग के लोगों की मौत जिनके लिए ‘छुटपुट घटना’ हो उनके राज में शासन-प्रशासन से कोई उम्मीद करना बेकार है, इसीलिए अगर उत्पीड़न और अत्याचार से बचना है तो अपनी सरकार बनाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है.ह्व उन्होंने कहा, ह्लहमें अपना वोट बचाना है और एकजुट होकर मतदान करना है क्योंकि एकजुटता ही हमारी ढाल है.ह्व

यादव ने कहा, ”हमें पीडीए के संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम करना है. पीडीए पंचायत से सबको जोड़ना है. हर गांव, पुरवा, मजरा, टोला; हर गली, नुक्कड़, बस्ती तथा घर-दरवाजे और लोगों के दिल तक पीडीए की एकता का ये संदेश पहुंचाना है कि जब पीडीए की सरकार बनेगी तभी हमारा मान, सम्मान, संविधान और वोट का अधिकार बचेगा, तभी राशन, पेंशन और खेत-ज़मीन के का़गज़ से नाम नहीं कटेगा.” सपा प्रमुख ने कहा कि पीडीए सरकार आयेगी तभी आरक्षण बचेगा और नौकरी का लाभ मिलेगा. सबको काम-कारोबार और रोज़गार के लिए बराबर मौका मिलेगा. हमारा और हमारे बच्चों का भविष्य सुधरेगा.

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