हैदराबाद. तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में बजरी से लदे एक ट्रक और एक बस की सोमवार को आमने-सामने की टक्कर होने से 13 महिलाओं एवं एक बच्ची समेत कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 22 अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस ने यह जानकारी दी.
ट्रक हैदराबाद से करीब 50 किलोमीटर दूर चेवेल्ला के पास तेलंगाना सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) की बस से टकरा गया जिसके बाद बजरी बस पर गिर गई. एक जिला अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना में 22 लोग घायल हो गए.
उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने सोमवार को तेलंगाना में सड़क दुर्घटना में लोगों की मौत होने पर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दुर्घटना में लोगों की मौत होने पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये एवं घायलों को 50-50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि दिए जाने की घोषणा की. साइबराबाद पुलिस आयुक्त अविनाश मोहंती ने बताया कि दुर्घटना में दोनों वाहनों के चालकों की मौत हो गई.
उन्होंने कहा कि आमने-सामने की टक्कर तब होती है जब कोई वाहन गलत दिशा में होता है. उन्होंने कहा कि दुर्घटना का कारण जांच के बाद पता चलेगा. बस पर बजरी गिरने से कई यात्री वाहन के अंदर फंस गए और अधिकारियों ने मशीनों की मदद से बचाव एवं राहत अभियान चलाया. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बस में सवार यात्रियों को वाहन से बाहर निकाल लिया गया है.
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ”तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में हुई दुर्घटना में लोगों की मौत होना बेहद दुखद है. इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.”
बयान में कहा गया है, ”प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे.” तेलंगाना के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने चेवेल्ला स्थित उस सरकारी अस्पताल का दौरा किया, जहां दुर्घटना के पीड़ितों को भर्ती कराया गया है. उन्होंने कहा, ”दुर्घटना में 19 लोग मारे गए हैं.” प्रभाकर ने बताया कि राज्य सरकार मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि देगी.
उन्होंने बताया कि टीजीएसआरटीसी की ओर से मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि भी दी जाएगी. बस कंडक्टर के अनुसार, दुर्घटना के समय बस में 72 यात्री सवार थे. बस तांडूर से हैदराबाद जा रही थी. मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने दुर्घटना को लेकर मंत्रियों और अधिकारियों के साथ टेली-कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की. उन्होंने कहा कि सरकार घायलों को उन्नत चिकित्सा सुविधा प्रदान करेगी और मृतकों के परिवारों को शवों के अंतिम संस्कार में भी सहायता प्रदान करेगी. सरकार ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं.
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने मंत्रियों और अधिकारियों को राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए जिसमें आरटीसी द्वारा प्रदान किए गए बीमा के अलावा, मृतकों के परिवारों को मुआवजा प्रदान करना भी शामिल है. तेलंगाना में हुए एक भीषण हादसे में जीवित बचे लोगों में से एक ने बताया कि बस चालक के पीछे की सीटों पर बैठे अधिकतर यात्रियों की दुर्घटना में मौत हो गई जबकि कंडक्टर के पीछे वाली सीटों पर बैठे लोग बच गए. जीवित बचे व्यक्ति ने इस भयावह घटना के बारे में बताया कि वह बस में सो रहा था तभी एक जोरदार धमाके से उसकी आंख खुली और उसने स्वयं को बजरी में आधा दबा पाया.
उसने मीडिया से कहा, ”कई लोग बजरी के नीचे दब गए. ट्रक विपरीत दिशा से आ रहा था. मैं बस के बाईं ओर बैठा था. हम तो किसी तरह बाहर निकल गए लेकिन बस चालक के पीछे बैठे लोग नहीं निकल पाए और उनमें से कुछ की मौत हो गई. मैं कंडक्टर से तीन पंक्तियां पीछे बैठा था.” व्यक्ति ने बताया कि वह एक खिड़की खोलकर बाहर आ गया तथा उसके पीछे छह और लोग भी थे.
उसने बताया कि बाद में एक अन्य व्यक्ति ने और यात्रियों को बाहर निकलने में मदद करने के लिए खिड़की के शीशे तोड़े.
चेवेल्ला के सरकारी अस्पताल में एक चिकित्सक ने बताया कि दुर्घटना के शिकार कई लोगों की हड्डियां टूट गई हैं और उनके चेहरे, पेट एवं पैरों में चोटें आई हैं.
कंडक्टर के पीछे बैठे यात्री बच गए जबकि चालक के पीछे के यात्री मारे गए: जीवित बचे व्यक्ति ने बताया
तेलंगाना में हुए एक भीषण हादसे में जीवित बचे लोगों में से एक ने बताया कि बस चालक के पीछे की सीटों पर बैठे अधिकतर यात्रियों की दुर्घटना में मौत हो गई जबकि कंडक्टर के पीछे वाली सीटों पर बैठे लोग बच गए. तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में बजरी से लदे एक ट्रक और एक बस की सोमवार को भिड़त होने से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए.
जीवित बचे व्यक्ति ने इस भयावह घटना के बारे में बताया कि वह बस में सो रहा था तभी एक जोरदार धमाके से उसकी आंख खुली और उसने स्वयं को बजरी में आधा दबा पाया. उसने मीडिया से कहा, ”कई लोग बजरी के नीचे दब गए. ट्रक विपरीत दिशा से आ रहा था. मैं बस के बाईं ओर बैठा था. हम तो किसी तरह बाहर निकल गए लेकिन बस चालक के पीछे बैठे लोग नहीं निकल पाए और उनमें से कुछ की मौत हो गई. मैं कंडक्टर से तीन पंक्तियां पीछे बैठा था.” व्यक्ति ने बताया कि वह एक खिड़की खोलकर बाहर आ गया तथा उसके पीछे छह और लोग भी थे.
शेख आमेर के अनुसार, उनके मित्र की पत्नी सालेहा बेगम (19), बेगम के पिता शेख खालिद हुसैन (50) और उनकी 41 दिन की बच्ची जहेरा फातिमा की मौत हो गई. परिवार अपने नवजात शिशु के साथ तंदूर नामक स्थान पर जाने के बाद वहां से वापस आ रहा था. वहां इस परिवार ने अपने रिश्तेदारों के साथ बच्चे के जन्म का जश्न मनाया.
शेख आमेर ने ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया, “सालेहा तंदूर (नामक स्थान) पर अपने रिश्तेदारों को नवजात शिशु दिखाकर शहर लौट रही थी. हममें से किसी ने भी नहीं सोचा था कि खुशी अचानक गम में बदल जाएगी.” सलेहा के पति वहीद हुसैन दुर्घटना के समय ड्यूटी पर गए हुए थे. वह ट्रक चलाकर जीविका चलाते हैं. उन्होंने कहा कि खालिद हुसैन परिवार का एकमात्र कमाने वाला था और उन्होंने सरकार से शोक संतप्त परिवार की मदद करने का आग्रह किया.
