
सिवान. जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने से बिहार की जनता का रुझान विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के पक्ष में नहीं बदलेगा. किशोर ने यहां अपनी पार्टी के लिए प्रचार के दौरान संवाददाताओं से कहा कि तेजस्वी यादव द्वारा अनुबंधित र्किमयों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और मानदेय बढ़ाने जैसे किये गये वादे ”खोखले” हैं.
उन्होंने कहा, ”यह तो पहले से ही सबको मालूम था कि अगर (राजद अध्यक्ष) लालू जी का जंगलराज बिहार में लौटेगा तो तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे. इसलिए इस घोषणा में कोई बड़ी बात नहीं है.” किशोर ने उस घोषणा पर भी व्यंग्य किया जिसमें कहा गया कि विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) प्रमुख और अतिपिछड़ा वर्ग से आने वाले पूर्व मंत्री मुकेश सहनी उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे.
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने प्रेसवार्ता में कहा था कि बिहार की सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनने पर सहनी समेत समाज के विभिन्न वर्गों के नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा.
किशोर ने इस पर कहा, ”यह हताशा का संकेत है. जब सत्ता दूर लगती है तो जितने अधिक उपमुख्यमंत्री पदों का वादा किया जा सके, किया जाता है. लेकिन इससे मतदाताओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. राजग की विदाई तो तय है, मगर बिहार में अगली सरकार जन सुराज की बनेगी.” किशोर ने उन अटकलों को खारिज किया कि वह तेजस्वी यादव के गृहक्षेत्र में चुनौती देने से पीछे हट गए हैं.
उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की ह्ललोकलुभावन राजनीति का भी कोई चुनावी लाभ नहीं होगा, क्योंकि ”बिहार की जनता भलीभांति याद रखती है कि राजद के शासनकाल में राज्य की हालत कितनी खराब थी.”
इस बीच जन सुराज पार्टी के सीतामढ़ी से उम्मीदवार जियाउद्दीन खान ने अपना नामांकन वापस ले लिया. खान (60) ने फेसबुक पर लिखा कि वह ”समाज के व्यापक हित में यह त्याग” कर रहे हैं. इससे पहले पार्टी के दो अन्य उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने में असफल रहे थे, जबकि एक और प्रत्याशी ने नाम वापस ले लिया था. किशोर ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने उन पर ”दबाव” बनाया था.
