चालक की नौकरी छोड़ने पर दलित युवक को पिलाई पेशाब, तीन आरोपी गिरफ्तार

भिंड. मध्यप्रदेश के भिंड जिले में 25 वर्षीय एक दलित युवक का अपहरण कर उसकी पिटाई की गई और फिर कथित रूप से उसे पेशाब पीने के लिए मजबूर किया गया. पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मुख्य आरोपी ने दलित युवक को इसलिए प्रताड़ित किया क्योंकि उसने उसके यहां चालक के रूप में काम करना छोड़ दिया था. उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव पाठक ने बताया कि शिकायतकर्ता के अनुसार, तीन लोगों ने सोमवार को ग्वालियर से उसका अपहरण कर लिया और एक वाहन में भिंड ले आए, जहां उसकी पिटाई की गई और उसे पेशाब पीने के लिए मजबूर किया गया.
पीड़ित, भिंड के सुरपुरा थानाक्षेत्र के अकुतपुरा गांव का रहने वाला है.

उन्होंने बताया, “पुलिस ने सुरपुरा थाने में मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों सोनू बरुआ, आलोक शर्मा और छोटू ओझा को गिरफ्तार कर लिया.” पाठक ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम, अपहरण, मारपीट और अमानवीय व्यवहार किए जाने के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि पीड़ित को फिलहाल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है.

पीड़ित युवक ने आरोप लगाया कि उसे ग्वालियर के दीनदयाल नगर स्थित उसके ससुराल से जबरन उठा लिया और एक बोलेरो गाड़ी में बिठाकर भिंड लाया गया. उसने पत्रकारों को बताया कि इस दौरान उसे प्लास्टिक के पाइप से पीटा गया और गाड़ी को रास्ते में रोककर आरोपियों ने एक बोतल में पेशाब भरकर उसे जबरन पिलाया.

पीड़ित ने बताया कि इसके बाद तीनों आरोपी उसे अकूतपुरा गांव ले आए और लोहे की चेन से बांधकर फिर से पेशाब पिलाई. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित पहले दतावली गांव के रहने वाले सोनू बरुआ की बोलेरो चलाता था और कुछ दिनों पहले उसने गाड़ी चलाना बंद कर दिया था. उन्होंने बताया कि इससे नाराज सोनू बरुआ ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया.

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