
हैदराबाद. निजामाबाद जिले में एक कांस्टेबल की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या किए जाने के बाद पुलिस की गोलीबारी में हुई आरोपी की मौत के सिलसिले में तेलंगाना राज्य मानवाधिकार आयोग (एचआरसी) ने मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी किया है. आयोग ने आरोपी की मौत से जुड़े हालात पर विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है.
आयोग ने उन खबरों का संज्ञान लिया जिनमें कहा गया था कि शेख रियाज (24) को सोमवार को पुलिस ने उस समय गोली मार दी जब उसने एक सरकारी अस्पताल में एक पुलिसकर्मी से कथित तौर पर पिस्तौल छीनकर उस पर हमला करने की कोशिश की थी.
वाहन चोरी के एक मामले में शामिल शेख रियाज ने दोपहिया वाहन पर उसे ले जाते समय कांस्टेबल प्रमोद (उम्र लगभग 40-45 वर्ष) के सीने पर चाकू से हमला किया था. नोटिस में कहा गया है, “आयोग ने तेलंगाना के डीजीपी को घटना की परिस्थितियों, किसी भी मजिस्ट्रेट या न्यायिक जांच की स्थिति और मुठभेड़ में हुई मौत पर उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के दिशानिर्देशों का अनुपालन करते हुए एक विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. साथ ही प्राथमिकी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतियां 24 नवंबर, 2025 तक प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया है.”
डीजीपी बी शिवधर रेड्डी ने सोमवार को आरोपी के हमले में शहीद हुए कांस्टेबल को श्रद्धांजलि दी थी. शीर्ष अधिकारी ने जोर देते हुए यह कहा कि तेलंगाना पुलिस राज्य में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगी. डीजीपी ने मृतक कांस्टेबल के परिजनों के लिए कई लाभों की भी घोषणा की, जिनमें एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, और 300 वर्ग फुट का आवासीय भूखंड शामिल है.
